पैसा: शिफ्ट, कैश, फ़ोन डैशबोर्ड, रिपोर्ट और VAT
हर आँकड़ा सीधे रसीदों से आता है, इसलिए फ़ोन, रिपोर्ट और काउंटर हमेशा एक जैसा दिखाते हैं। आप इन्हें कहीं से भी देख सकते हैं; आपके अकाउंटेंट को सिर्फ़ देखने वाला अकाउंट मिल सकता है।
एक-एक स्टेप
1आज, आपके फ़ोन पर
फ़ोन पर app.creekpos.com खोलें और लॉगिन करें। आज में बिक्री (कैश, कार्ड, उधार), रसीदें, चीज़ें, मुनाफ़ा, हफ़्ता और महीना दिखते हैं; तीर से दूसरे दिन पर जाएँ। इसे होम स्क्रीन पर जोड़ लें ताकि यह ऐप की तरह खुले।

फ़ोन पर आज: बिक्री, रसीदें, मुनाफ़ा, हफ़्ता और महीना। 2बिक्री और मुनाफ़े की रिपोर्ट
रिपोर्ट → बिक्री किसी भी समय की बिक्री दिन, घंटे, प्रोडक्ट और कैशियर के हिसाब से दिखाती है। रिपोर्ट → मुनाफ़ा दिखाता है कि बेचे गए माल की लागत निकालकर आपने कितना कमाया — यह तभी सही है जब प्रोडक्ट पर उनकी लागत लिखी हो। हर रिपोर्ट प्रिंट होती है और Excel या CSV में एक्सपोर्ट होती है।

रिपोर्ट → मुनाफ़ा: आपके चुने समय की बिक्री, लागत और मुनाफ़ा। 3हर शिफ्ट का कैश
रिपोर्ट → शिफ्ट और Z: हर शिफ्ट उसके कैशियर, बिक्री, होना चाहिए वाले कैश, गिने गए कैश और फ़र्क़ के साथ (फ़र्क़ ज़ीरो न हो तो लाल)। किसी भी शिफ्ट की Z रिपोर्ट खोलकर उसकी डिटेल देखें।

शिफ्ट और Z: हर शिफ्ट का होना चाहिए और गिना हुआ कैश, फ़र्क़ लाल में। 4ख़र्चे
सप्लायर और ख़र्च → ख़र्चे: किराया, तनख़्वाह, बिजली, दुकान के लिए ड्रॉअर से निकाला गया कैश। ख़र्चे मुनाफ़े को उतना कर देते हैं जितना असल में आपके पास बचता है।

ख़र्चे: दुकान का ख़र्च, कैटेगरी के हिसाब से। 5अपनी दुकान से पूछें
रिपोर्ट → अपनी दुकान से पूछें: आम बोलचाल में सवाल लिखें — “आज की बिक्री?”, “किसका बकाया है?”, “क्या कम हो रहा है?” — और अपने ही डेटा से सही आँकड़ा पाएँ। यह AI फ़ीचरों में से एक है; यह आपकी रिपोर्ट पढ़ता है और कभी कोई नंबर अपने मन से नहीं बनाता।

अपनी दुकान से पूछें: आम बोलचाल में सवाल, आँकड़ा आपकी अपनी रिपोर्ट से। 6VAT: वसूला गया टैक्स
रिपोर्ट → वसूला टैक्स: एक महीने या तिमाही की रसीदों पर वसूला गया 5% VAT और सर्विस चार्ज, रेट और दिन के हिसाब से — ठीक वही रकम जो हर रसीद पर छपी है। इसे प्रिंट करें या अपने अकाउंटेंट या VAT रिटर्न के लिए एक्सपोर्ट करें। यह आपके रिकॉर्ड के लिए है, टैक्स की सलाह नहीं।

वसूला टैक्स: चुने गए समय का नेट VAT, रेट और दिन के हिसाब से। 7सबसे पहले ख़बर आपको: मालिक के अलर्ट
सेटिंग्स → मालिक के अलर्ट तब मैसेज भेजता है जब किसी चीज़ पर आपकी नज़र चाहिए: रद्द रसीद, बड़ा डिस्काउंट, पैसे वापसी, ऐसा ड्रॉअर जिसका हिसाब नहीं मिलता। दुकान बंद होने के बाद ई-मेल पर रोज़ की समरी सेटिंग्स → रोज़ की समरी में है।

मालिक के अलर्ट: सेटिंग्स → मालिक के अलर्ट में चालू करें।
स्क्रीन पर लिखे शब्द
| स्क्रीन पर | इसका मतलब |
|---|---|
| आज | दिन की बिक्री, मुनाफ़ा, कैश और कार्ड। |
| मुनाफ़ा | बिक्री में से बेचे गए माल की लागत घटाकर (प्रोडक्ट की लागत चाहिए)। |
| होना चाहिए / गिना / फ़र्क़ | ड्रॉअर में जितना कैश होना चाहिए, जितना गिना गया, और दोनों का अंतर। |
| वसूला टैक्स | किसी समय की आपकी रसीदों पर VAT और सर्विस चार्ज। |
| अपनी दुकान से पूछें | आम बोलचाल में सवाल, जवाब आपकी अपनी रिपोर्ट से। |
आम गलतियाँ
- प्रोडक्ट पर लागत लिखे बिना मुनाफ़ा देखना।
- फ़र्क़ को जमा होने देना। हर शाम शिफ्ट और Z देखें; छोटा फ़र्क़ उसी दिन आसानी से समझ आ जाता है।
- मालिक का लॉगिन अकाउंटेंट के साथ शेयर करना। उन्हें अकाउंटेंट (सिर्फ़ देखना) प्रीसेट के साथ उनका अपना अकाउंट दें।